विश्व के लगभग 10 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली महान ऐतिहासिक भाषा है राजस्थानी। जिसकी अपनी सम्पूर्ण व्याकरण है, जिसके साहित्य का एक सुदीर्घ एवं गौरवपूर्ण इतिहास है तथा जिसका एक विशाल शब्दभंडार है। शब्द-मनीषी पद्मश्री डॉ. सीताराम लाळस द्वारा संपादित "वृहत राजस्थानी सबदकोस" मे ये तीनों ही भाग समाहित हें। इस विशाल सबदकोस को डिजिटाइज़ करके वेबसाईट एवं मोबाईल एप के माध्यम से सर्व सुलभ बनाना इस परियोजना का उद्देश्य है।

आप सभी से आग्रह है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के सहभागी बनें।

परियोजना की सम्पूर्ण जानकारी के लिए नीचे दर्शाये संबंधित लिंक पर क्लिक करें।