राजस्थानी-भाषा की मान्यता का सवाल – डॉ. आईदान सिंह भाटी

जब भी किसी भाषा के सम्बन्ध में बात चलती है तो मुझे अनायास रबीन्द्रनाथ याद आते हैं। उन्होंने अपने बचपन के एक संस्मरण द्वारा मातृभाषा का महत्व समझाया है। विश्व के सारे चिंतक मातृभाषा में शिक्षा के महत्व को स्वीकारते हैं। भारत की सुप्रसिद्ध-चिंतक रमणिका गुप्ता ने ‘वड़ोदरा गुजरात’ में हुए ‘भाषा रिसर्च एण्ड पब्लिकेशन सेंटर’के एक सम्मेलन का हवाला […]

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